त्रिभिर्गुण मयै र्भावैरेभिः सर्वमिदं…

Geeta Updesh

त्रिभिर्गुण मयै र्भावैरेभिः सर्वमिदं जगत।
मोहितं नाभि जानाति मामेभ्य परमव्ययम् ॥

अर्थ –

भगवान श्री कृष्ण जी अर्जुन से कहते हैं कि हे पार्थ! सत्व गुण, रजोगुण और तमोगुण, सारा संसार इन तीन गुणों पर ही मोहित रहता है| सभी इन गुणों की इच्छा करते हैं लेकिन मैं (परमात्मा) इन सभी गुणों से अलग, श्रेष्ठ, और विकार रहित हूँ|

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