तलाश मेरी थी और…

Shayari

तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो, दिल मेरा था और धड़क रहा था वो !
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है, आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो !

Rate this post
Share this with friends

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.