तुम मुस्कुरा दो तो…

Shayari

तुम मुस्कुरा दो तो दिन निकल जाए, ख़ामोश रहो तो रात होती है, कौन सा गम कैसा ग़म, ये सब बेकार की बाते होती हैं !

Rate this post
Share this with friends

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.