Prernadayak
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आप चतुर होते हुए भी बेढंगे हो सकते हैं | निर्धन होते हुए भी कलात्मक या विशेष हो सकते हैं | कैलेंडर के एक पन्ने को फाड़ देने से आप अच्छे या बुरे नहीं हो जाएंगे | सुबह से लेकर शाम तक का नजरिया ही आपको बनाता या बिगाड़ता है |

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