kahawaten

कमला नारी कूपजल, और बरगद की छांय! गरमी में शीतल रहें शीतल में गरमाय!Read Full Quote

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कान – आँख – मोती – मतौ बासन – बाजौ ताल ! गढ़ मठ डोंड़ा जंत्र पुनि, जै फूटे बेहाल !Read Full Quote

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तीतर पारवी बादरी, विधवा काजर देय ! वे बरसे वे घर करें, ईमें नयी सन्देह !Read Full Quote

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